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मेरा अनुभव आईआईएम बोधगया के साथ

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ABHISHEK Giri
ABHISHEK Giri

ऐसा हो सकता है कि आप कुछ ऐसी कठिनाइयों का सामना कर रहे हो जिसका कोई और अंदाजा भी नहीं लगा सकता इस परिस्थिति में आपके पास सिर्फ दो विकल्प हैं या तो आप हार मान जाए और अपने वर्तमान परिस्थिति को अपना भाग्य मान लें और अपने वर्तमान परिस्थिति पर रोए चिल्लाए या आपके पास दूसरा विकल्प है कि आप चाहे जैसी भी परिस्थितियां हो उससे एक योद्धा की तरह लड़े और उस परिस्थिति से बाहर निकले एक अच्छा प्रबंधक (मैनेजर)वही होता है जो बहुत ही कम संसाधन को प्रयोग में लाकर बहुत बड़ा परिणाम दे। मैंने भारतीय प्रबंधन संस्थान बोधगया मे 7 जुलाई को दाखिला लिया और मैं बहुत ही भयभीत था कि कहीं ये मेरा गलत निर्णय तो नहीं है, क्योंकि मै और भी कई अन्य  आई आई एम मे  दाखिले के लिए उर्तण था लेकिन मेरा अवचेतन मन मुझे खुद ही इस इनलाइटनमेंट(प्रबोधन) सिटी की ओर खिचे ला रहा था परंतु मैंने अपने अंतर्मन की बात सुनी और मैं यहां पर आ गया,रात के 1:00 बज रहे होंगे मैं इस कैंपस में पहुंचा और कैंपस में पहुंचते ही मेरी पहली जो मुलाकात हुई वह मेरे एक वरिष्ठ से हुई, चुकी मै बहुत ही आकस्मिक था।  मुझे व्यवसायिक संस्थान के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं थी मेरा यह रवैया मेरी वरिष्ठ को अच्छा नहीं लगा तो मुझे इस बात का अंदाजा दिलाने के लिए कि मैं आई आई एम में खड़ा हूं उन्होंने मुझे एक कार्य संपादित करने को दिया जबकि रात के 1:00 बजे थे मैं अपनी यात्रा के दौरान बहुत ही थक गया था लेकिन फिर भी उन्होंने मुझे महिंद्रा ऑटो पर स्वॉट एनालिसिस करने के लिए एक कार्य सौंपा,उस समय मुझे एहसास हुआ कि मैं सच में आई आई एम में खड़ा हूं तो यह था मेरा पहला इंटरेक्शन माय फर्स्ट डे एक्सपीरियंस इन आईआईएम बोध गया  मुझे यहां आए हुए करीब 15 दिन हो चुके हैं अब इस 15 दिन में मैं अपना एक्सपीरियंस बता रहा हूं यहां पर हॉस्टल में हर एक वह इंपॉर्टेंट फैसिलिटी उपलब्ध हैं जो कि एक मैनेजर को जरूरत होती हैं हमें अच्छा एक सिंगल ऑक्युपेंसी रूम मिल रखा है जो कि वेल फर्निश्ड है, भोजन में  हमें पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक फूड मिलता है ,यह बिहार मे होने का एक ऐडेड एडवांटेज है क्योंकि यहां पर पास में ही बड़ी-बड़ी खेत है तो यहां पर जो सब्जियां मिलती है वो पुर्ण रुप से ऑर्गेनिक होती हैं और हमें प्लेग्राउंड एवं सबसे इंपोर्टेंट जो फैकल्टी हैं हमारी वह आईआईएम कोलकाता की फैकल्टीज है,  जो कि भारत की सबसे पुरानी प्रबंधन संस्थान है, अंततः भारतीय प्रबंधन संस्थान में मेरे अनुभव के आधार पर  मैं यह दावा कर सकता हूं कि यह मेरे जीवन का सबसे निर्णायक और सबसे सुखद और सही निर्णय था।

 धन्यवाद!

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